+91-xxxxxxxxxxx

Principal Desk

प्रभारी प्राचार्य की कलम से …………

किसी भी महाविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देष्य उस क्षेत्र एवं आस-पास के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च षिक्षा प्रदान करना जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। वे ना केवल षिक्षित हों अपितु एक कुषल नागरिक भी बनें जिसमें अपने समाज एवं देष के विकास को गति प्रदान करने की क्षमता हों। साथ ही एक सभ्य एवं सुसंस्कृत समाज जिसमें समाजिक एकता, सौहार्द एवं शांति का वातावरण का निर्माण कर सके
कुछ ऐसी ही कल्पना के साथ यहाँ के समाजसेवियों, किसानों, व्यावसाइयों आदि ने सिसई के इस ग्रामीण क्षेत्र में बी0 एन0 जालान महाविद्यालय की स्थापना की होगी।

आज इस महाविद्यालय में लगभग 4000 छात्र-छात्राए पढ़ते हैं जिसमें लगभग 1500 विद्यार्थी +2(इन्टर) में हैं। आज यह महाविद्यालय सिसई के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, मजदूरों, व्यावसाइयों आदि के उन बच्चों का भविष्य संवारने का प्रयोगषाला बना है जो इस सुविधा के अभाव में शायद उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते। इस क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना से उन अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के लड़कियों को भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है जो इसके अभाव में शायद ही उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाते।
इस महाविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के सतत एवं साथर्क समर्पित भाव से प्रयास कर उन सभी संस्थापको की कल्पना को साकार करने में तल्लीन हैं। उनके सार्थक एव सच्ची लगन का ही परिणाम है कि महाविद्यालय का विकास निरंतर होता जा रहा है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सबों के सहयोग से हम इस महाविद्यालय के चतुर्दिक विकास में अपना शत प्रतिषत योगदान कर इसे माडल महाविद्यालय के रूप में स्थापित करेंगें।
सभी बच्चों के सुनहले भविष्य की शुभकामनाओं के साथ :-

प्रभारी प्राचार्य